वायरस से संक्रमित बच्चे के इलाज का यह तरीका काफी अपरंपरागत लग सकता है! जाहिर तौर पर वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि शारीरिक तरल पदार्थ को ट्विंक के गर्भ के अंदर इंजेक्ट करने की आवश्यकता होती है।